डोरीफोरा (DORYPHORA)
परिचय-
इस औषधि का उपयोग मूत्रांगों (युरिनरी ओरगेंस) से सम्बंधित विकारों पर अधिक होता है, जिस कारण इसे सूजाक (गिनोरिया) तथा ग्लीट (गीट) में किया जाता है। स्थानिक क्षोभ तथा ग्लीट के कारण बच्चों के पेशाब के मार्ग में होने वाला जलन, शरीर के बाहरी अंगों में भारी कंपन, शरीर में शून्यता का अनुभव होना, शरीर में सूजन तथा जलन आदि में डोरीफोरा औषधि लाभकारी होती है।
पेशाब सम्बंधी रोग से सम्बंधित लक्षण : पेशाब करने में कठिनाई महसूस होना, पेशाब मार्ग में जलन तथा तेज दर्द, पीठ तथा उरुओं (लोइंस) में दर्द तथा अंगों में तेज कंपन आदि लक्षण होने पर डोरी फोरा औषधि का प्रयोग करना चाहिए।
प्रतिविष :
स्ट्रामों औषधि का उपयोग डोरी फोरा औषधि के दोषों को दूर करने के लिए किया जाता है।
तुलना :
डोरीफोरा औषधि की तुलना एगारिक, एपिस, कैथ, लैके, काक्सि आदि औषधियों से की जा सकती है।
मात्रा :
छठी से तीसवीं शक्ति।
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