आर्टीमिसिया वुल्गैरिस (Artemisia Vulgris)


परिचय- 

मिर्गी के दौरे जैसी स्थिति तथा बचपन के समय में और जवान लड़कियों को होने वाले बेहोशी रोग को ठीक करने के लिए आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि का उपयोग लाभदायक है।

आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि का आंतरिक प्रयोग आंखों के लिए हानिकारक है।

जिन रोगियों को अधिक डर लगता है और किसी अन्य मानसिक कारणों या गलत संगति के करण हस्तमैथुन क्रिया की आदत पड़ गई हो जिसके कारण शरीर में अधिक कमजोरी आ गई हो तथा एक ही समय में मिर्गी के कई दौरे पड़ने लगते हो और इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी रात के समय में कई बार उठकर बैठ जाता हो और काम करता रहता हो, लेकिन सबुह के समय में रोगी को कुछ भी याद नहीं रहता हो तो ऐसे रोगी के रोग को ठीक करने के लिए आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि का उपयोग करना चाहिए।

आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि निम्नलिखित लक्षणों के रोगियों के रोग को ठीक करने में उपयोगी हैं-

सिर से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी के सिर में दर्द होता है तथा इसके साथ सिर के पीछे के भाग में खिंचाव महसूस होता रहता है, मुंह का बायां भाग खिंचा सा रहता है, मस्तिष्क में अधिक खून संचय होने लगता है जिसके कारण रोगी को बहुत अधिक परेशानी होती है, उसके इस रोग को ठीक करने के लिए आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि का उपयोग करना फायदेमंद होता है।

आंखों से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी को रंग-बिरंगे प्रकाश से चक्कर आने लगता है, आंखों में दर्द होने लगता है, आंखों की दृष्टि धुंधली हो जाती है, जब रोगी आंखों को मसलता है तो उसे कुछ आराम मिलता है, आंखों से किसी चीज को देखने में अधिक प्रयोग करने के कारण अधिक परेशानी होती है तो इस प्रकार के लक्षणों को ठीक करने के लिए आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि का उपयोग करना लाभदायक होता है।

स्त्री रोग से सम्बन्धित लक्षण :- मासिकधर्म के शुरू होने के समय में बहुत कम मात्रा में रक्तस्राव होना तथा बच्चेदानी में तेज खिंचाव होना, मासिकधर्म के समय में शरीर में अधिक ऐंठन होना। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित स्त्री के रोग को ठीक करने के लिए आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि का सेवन कराना उचित होता है।

बुखार से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी को अपने शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलता है तथा इस पसीने से लहसुन जैसी गंध आती है। इस प्रकार के लक्षणों को ठीक करने के लिए आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि का उपयोग का प्रयोग करना चाहिए।

सम्बन्ध :-

एब्सिंथि, सिंक्यूटा तथा सिना औषधि की तुलना आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि से कर सकते हैं।

मात्रा :-

आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि की पहली से तीसरी शक्ति का प्रयोग रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए करना चाहिए। शराब में आर्टीमिसिया वुल्गैरिस औषधि को मिलाकर रोगी को खुराक के रूप में सेवन कराने से रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।


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