सिम्फाइटम Symphytum

 सिम्फाइटम Symphytum

परिचय-

सिम्फाइटम औषधि किसी भी प्रकार की चोट के लगने जैसे कि किसी चीज से कट जाने पर, गिरने से, मोच आ जाने से में बहुत लाभ करती है। इसके अलावा ये औषधि टूट्टी हुई हड्डी को जोड़ने में भी बहुत मदद करती है। हड्डी जुड़ने या चोट के ठीक हो जाने के बाद उस स्थान पर हल्का सा दर्द रह जाने को भी ये औषधि बिल्कुल दूर कर देती है। विभिन्न रोगों के लक्षणों के आधार पर सिम्फाइटम औषधि का उपयोग-

सिर से सम्बंधित लक्षण- रोगी के माथे के पीछे, माथे के ऊपर और माथे में जगह बदल-बदलकर होने वाला दर्द जो नाक की हड्डी में पहुंच जाता है, रोगी के जबड़े की नीचे वाली हड्डी में जलन होना, हड्डी का सख्त, लाल और सूज जाना आदि लक्षणों में रोगी को सिम्फाइटम औषधि देना बहुत ही प्रभावशाली रहता है।

आंखों से सम्बंधित लक्षण- रोगी की आंखों में किसी तरह की नुकीली या औजार से चोट लग जाने के बाद आंखों में बहुत तेज दर्द होना, आंखों के अंदर की किसी भी तरह की चोट आदि लक्षणों के आधार पर सिम्फाइटम औषधि का सेवन काफी लाभदायक रहता है।

वृद्धि-

छूने से, किसी तरह की हरकत करने से, दबाने से, शस्त्र की चोट या जख्म होने से रोग बढ़ जाता है।

शमन-

गर्मी से रोगी का रोग कम हो जाता है।

तुलना-

आर्नि, कैलेन्ड, कैल्क-फास, फ्लोर-एसिड, हिपर और साइलीशिया के साथ सिम्फाइटम औषधि की तुलना की जा सकती है।

मात्रा-

रोगी को सिम्फाइटम औषधि का मूलार्क देने से रोगी कुछ ही दिनों में स्वस्थ हो जाता है।

जानकारी-

किसी तरह की जख्मों और मलद्वार की खुजली में सिम्फाइटम औषधि का बाहरीय प्रयोग पट्टी आदि के रूप में किया जा सकता है।


0 comments:

एक टिप्पणी भेजें