लेपिस एल्बस Lapis albus
परिचय-
लेपिस एल्बस औषधि पेट के ऊपरी भागों और निम्न भागों में जलन पैदा कर देती है तथा यह जलन गर्भाशय की ऊपरी झिल्ली और स्तनों तक जा पहुंचती है। यह औषधि गलगण्ड रोग से पीड़ित रोगियों के रोग को ठीक करने के लिए उपयोगी है लेकिन उन रोगियों को इससे कोई लाभ नहीं मिलता है जो पहले मलेरिया रोग से पीड़ित रह चुके हो। इन रोगियों पर इस औषधि का प्रभाव हानिकारक होता है। गर्भाशय में कैंसर होने पर यदि गर्भाशय के अन्दर फोड़ा बड़ा हो, कई औषधियों के प्रयोग से न ठीक हो रहा हो, गर्भाशय से बार-बार खून बह रहा हो, खून इतना तेज बहता है कि ऐसा लगता है कि रोगी स्त्री की मृत्यु हो जाएगी, फोड़ा पूरे गर्भाशय को घेर रखा हो, कई महीनों तक खून बहते रहने के कारण खून काला रंग का हो जाता है, उसमें बदबू भी आती है, ऊंगली से छूने पर गर्भाशय रूखा महसूस होता है, गर्भाशय में जलन भी होती है। इस प्रकार के लक्षण होने पर लेपिस एल्बस औषधि का प्रयोग लाभदायक होता है जिसके प्रभाव से गर्भाशय में कैंसर ठीक हो जाता है।
मात्रा (डोज) :-
लेपिस एल्बस औषधि की तीसवी शक्ति का प्रयोग लक्षणों को ठीक करने के लिए करना चाहिए।
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