लाइनम युसिटैटिस्सीमम (Linum usitatissimum)

 लाइनम युसिटैटिस्सीमम (Linum usitatissimum)

परिचय-

अलसी की पट्टी बांधने से संवेदनशील व्यक्तियों में भयंकर सांस सम्बन्धी रोग उत्पन्न होता है, जैसे- दमा, शीतपित्त (हिवज) आदि। ऐसी दशाओं में लाइनम युसिटैस्सीमम औषधि की क्रिया का प्रभाव तेज हो जाता है। इस औषधि में हाइड्रोस्यानिक एसिड की भी कुछ मात्रा पाई जाती है, जो इस तीव्रता का कारण हो सकती है। मूत्रनलियों में जलन होना, मूत्राशय में जलन होना, पेशाब कष्ट से होना आदि लक्षणों को दूर करने के लिए लाइनम युसिटैस्सीमम औषधि की क्वाथ का प्रयोग करना लाभदायक होता है। आंत्रपथ के रोगों को ठीक करने के लिए भी इसका प्रयोग लाभकारी है।

दमा रोग, परागज-ज्वर और जुलपित्ती होना, जीभ में लकवा का प्रभाव होना। इस प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए लाइनम युसिटैस्सीमम औषधि का प्रयोग करना चाहिए।

सम्बन्ध (रिलेशन) :-

लाइनम कैथार्टिकम औषधि का प्रयोग सांस सम्बन्धित लक्षणों तथा पेट दर्द और अतिसार से सम्बन्धित लक्षणों को दूर करने के लिए किया जाता है लेकिन ऐसे ही लक्षणों को ठीक करने के लिए लाइनम युसिटैस्सीमम औषधि का प्रयोग किया जा सकता है। अत: लाइनम कैथार्टिकम औषधि के कुछ गुणों की तुलना लाइनम युसिटैस्सीमम औषधि से कर सकते हैं। 


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